बुंदेलखंड के कश्मीर यानी महोबा के ऐतिहासिक चरखारी से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलगढ़ किले में रखी रियासत कालीन बहुमूल्य अष्टधातु की तोप को चुराने की बड़ी साजिश हुई है। शातिर चोर कई दिनों से किले में छिपकर तोप को आरी ब्लेड से काट रहा था, जिसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।

महोबा का ऐतिहासिक चरखारी कस्बा, जिसे अपनी खूबसूरती के कारण बुंदेलखंड का कश्मीर कहा जाता है। यहाँ के गौरवशाली इतिहास के प्रतीक मंगलगढ़ किले में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक शातिर चोर ने रियासत कालीन अष्टधातु की बेशकीमती तोप पर ही हाथ साफ करने की कोशिश की। बाजार में ये बेसकीमत है। ऐतिहासिक तोप को चुराने के लिए चोर ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। आरोपी कई दिनों से चुपके से किले के भीतर ही छिपा हुआ था। वह धीरे-धीरे औजारों और ब्लेड की मदद से भारी-भरकम तोप को काट रहा था। शातिर चोर ने तोप का एक बड़ा हिस्सा काटकर अलग भी कर दिया था और उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने की फिराक में था, ताकि उसे आसानी से तस्करी कर बाहर ले जाया जा सके। तभी किले में तैनात कर्मियों को इसकी भनक लगी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका को दी।

खबर मिलते ही नगर पालिका के लिपिक संजीत कुमार सहित भारी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तोप काटने वाले औजार, ब्लेड और एक आधार कार्ड बरामद हुआ।पकड़े गए आरोपी की पहचान रजनीकांत मिश्र, पुत्र विवेकानंद मिश्र के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के खैरखुटा गांव का रहने वाला है।नगर पालिका के कर्मचारियों ने आरोपी को पकड़कर तुरंत चरखारी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में नगर पालिका के लिपिक संजीत कुमार की तहरीर पर चरखारी कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


