महोबा। एक ओर किसान बुवाई के लिए खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों ने खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महोबा मुख्यालय में प्रशासनिक टीम की छापेमारी के दौरान दुर्गा खाद भंडार पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने का मामला सामने आने के बाद दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई। दुकानदार से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। खास बात यह है कि संबंधित दुकानदार दुर्गा प्रसाद गुप्ता के भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक पद से जुड़े व्यक्ति की दुकान पर हुई कार्रवाई के कारण भी चर्चा में है।

किसानों के मुताबिक, डीएपी खाद की एक बोरी के लिए उनसे 1,650 रुपये लिए जा रहे थे, जबकि निर्धारित मूल्य 1,350 रुपये बताया गया। यानी प्रति बोरी 300 रुपये अधिक वसूले जाने का आरोप है। किसानों का दावा है कि अधिकारियों के पहुंचने पर 300 रुपये वापस कराए गए। यदि निर्धारित दर से अधिक वसूली की पुष्टि होती है, तो यह सीधे तौर पर उन किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है, जो पहले से ही खेती की बढ़ती लागत और खाद की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं।
खाद की दुकानों पर अनियमितताओं और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कमिश्नर ने दुकानों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में जिलाधिकारी के स्तर पर सख्ती के बीच जिला कृषि अधिकारी और सदर तहसीलदार के संयुक्त नेतृत्व में गठित टीम ने मुख्यालय स्थित खाद दुकानों का निरीक्षण किया। दुर्गा खाद भंडार में ओवररेटिंग का मामला सामने आने पर लाइसेंस निलंबित करने और स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई की गई। वहीं, एक अन्य खाद भंडार के सूचना पट्ट पर आवश्यक विवरण अंकित न मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वही किसानों का कहना है की केवल लाइसेंस निलंबित करने या नोटिस जारी करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जरूरी है कि दुकानों के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल और निर्धारित मूल्य की समय समय पर जांच कर किसानों की शिकायत पर कार्यवाही हो
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