महोबा। बुंदेलखण्ड के लोक देवता वीर हरदौल के जीवन-वृत्त एवं बुंदेली संस्कृति में उनके योगदान को केंद्र में रखते हुए महोबा में एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है। संगोष्ठी का मुख्य विषय “वीर हरदौल : बुंदेली संस्कृति के नायक” रखा गया है।
संगोष्ठी में वीर हरदौल के जीवन, व्यक्तित्व, लोक आस्था, बुंदेली संस्कृति एवं सामाजिक प्रभाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विद्वानों और शोधार्थियों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजन को लेकर देशभर के शोधकर्ताओं एवं विषय विशेषज्ञों से मौलिक शोध-पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. चित्रगुप्त ने बताया कि शोध-पत्र प्रस्तुत करने के इच्छुक प्रतिभागी 31 अगस्त 2026 तक अपना मौलिक शोध-पत्र प्रेषित कर शोध-पत्र वाचन हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्वानों और शोधार्थियों की सहभागिता से वीर हरदौल के जीवन एवं बुंदेली लोक संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर नए शोध और विमर्श को बढ़ावा मिलेगा।
आयोजकों ने शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।
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