महोबा। जिले के ग्राम बिलरही में कबीर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय कोरी/कोली समाज के प्रदेश महामंत्री जे.पी. अनुरागी द्वारा आरक्षण को लेकर दिया गया भाषण इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भाषण में उन्होंने ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों को संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण के अधिकार को लेकर अपनी बात बेबाकी से रखी है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोग इस भाषण को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं भी व्यक्त कर रहे हैं।
अपने संबोधन में जे.पी. अनुरागी ने कहा कि आरक्षण किसी की खैरात नहीं, बल्कि वंचित और पिछड़े वर्गों को बराबरी का अवसर देने के लिए संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक कुछ वर्गों को शिक्षा, समानता और सामाजिक अधिकारों से वंचित रखा गया, जिसके बाद उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए संवैधानिक व्यवस्था के तहत आरक्षण का प्रावधान किया गया।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15(4), 15(5), 16(4), 46 और 340 का उल्लेख करते हुए कहा कि आरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, बल्कि संविधान सभा का सामूहिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि देश को संविधान के अनुसार चलना चाहिए और किसी भी संवैधानिक अधिकार को समाप्त करने की मांग पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
जे.पी. अनुरागी ने कहा कि यदि देश में आरक्षण समाप्त करने के लिए आंदोलन चलाया जा सकता है तो आरक्षण बचाने और जरूरत पड़ने पर आरक्षण बढ़ाने के लिए भी आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक बराबरी स्थापित होने तक संवैधानिक प्रावधानों पर बहस संविधान के दायरे में ही होनी चाहिए।
EWS आरक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दलित समाज ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को दिए गए आरक्षण का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग का विरोध करना नहीं, बल्कि संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा करना है।
अपने भाषण में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में समानता की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी के लिए एक समान शिक्षा व्यवस्था की वकालत की। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव समाप्त होना चाहिए और समाज में अंततः पहचान केवल ‘मानव’ की होनी चाहिए।
क्रिमीलेयर और नॉन-क्रिमीलेयर के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि आरक्षण का संबंध ऐतिहासिक सामाजिक वंचना से है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति सक्षम हो, वह सामान्य वर्ग की प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़े, लेकिन संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करने की मांग स्वीकार नहीं की जानी चाहिए!
जेपी अनुरागी का यह भाषण अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन करते हुए संविधान और आरक्षण के अधिकारों की रक्षा की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग भाषण में उठाए गए मुद्दों पर अपनी असहमति भी जता रहे हैं। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस का दौर जारी है।
कार्यक्रम के दौरान जे.पी. अनुरागी ने अपने संबोधन का समापन “जय संविधान, भारत माता की जय, बाबा साहेब अमर रहें” के नारों के साथ किया।
![]()


