महोबा पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा, निराश्रित गौवंश और गौशालाओं की स्थिति को लेकर सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गौवंश संरक्षण का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश सड़कों और खेतों में घूम रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गौशालाओं की बदहाल स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता है।

इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री और मुसलमान समाज के उन लोगों का स्वागत किया, जो गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग में साथ आ रहे हैं। उन्होंने इसे सामाजिक और धार्मिक एकता का सकारात्मक संकेत बताया।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 82 दिन की यात्रा पर हैं। महोबा आगमन के दौरान उनके बयानों के बाद जिले में धार्मिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


