महोबा -किसानों की शिकायत पर बीज गोदाम पहुंचे विधायक का प्रभारी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल; प्रशासनिक जांच में 100 बोरी चना बीज बिना स्पष्ट अनुमति दूसरे गोदाम भेजने का मामला सामने आया। जल जीवन मिशन के मुद्दे पर जल मंत्री का रास्ता रोकने की घटना से भी चर्चा में रहे हैं विधायक।

किसानों के मुद्दों पर आक्रामक तेवर और अधिकारियों के सामने खुलकर सवाल उठाने की शैली के चलते चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला राजकीय कृषि बीज भंडार चरखारी का है, जहां किसानों की शिकायत पर पहुंचे विधायक का गोदाम प्रभारी सोनू सिंह को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में बीज के परिवहन और आवश्यक अनुमति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। घटनाक्रम ने किसानों को बीज वितरण की व्यवस्था और सरकारी गोदामों की जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है।

वहीं जिला प्रशासन ने जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2026 को मिली सूचना के बाद जिला कृषि अधिकारी को राजकीय कृषि बीज भंडार चरखारी भेजा गया। जांच के दौरान पिकअप संख्या UP 95 T 0164 पर चना बीज की 100 बोरियां लदी मिलीं। प्रत्येक बोरी में 32 किलोग्राम बीज होने का उल्लेख किया गया है। बीज को चरखारी से कुलपहाड़ स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार भेजने के लिए लोड किया गया था।

प्रेस नोट में कहा गया है कि एक राजकीय बीज भंडार से दूसरे भंडार में बीज भेजने के लिए जनपद स्तर से अनुमति की आवश्यकता होती है, लेकिन इस संबंध में जिला स्तर पर जानकारी नहीं दी गई थी। बीज को अन्यत्र बिक्री के उद्देश्य से भेजे जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है। हालांकि, बीज की कालाबाजारी का आरोप अंतिम रूप से सिद्ध हुआ है या नहीं, यह जांच के निष्कर्षों और संबंधित अभिलेखों से स्पष्ट होना बाकी है।
प्रेस नोट में गोदाम प्रभारी सोनू सिंह, प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी, तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राधेश्याम साहू के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई अलग से किए जाने की बात भी कही गई है। यह प्रशासनिक कदम सरकारी बीज वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
विधायक द्वारा पूर्व में जल जीवन मिशन में लापरवाही को लेकर जलशक्ति मन्त्री का काफ़िला रोककर समस्याओ से अवगत कराया था जो काफी मामला चर्चा में रहा अभी कुछ दिन पूर्व ही लापरवाह कर्मचारियों को जूतों की माला पहनाने और घाघरा-चोली पहनाने जैसी घटनाओं को लेकर चर्चा में रहें अब ये थप्पड़ कांड!
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