महोबा। जन शिकायतों के समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने IGRS पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लगातार लापरवाही बरतने वाले दो दर्जन से अधिक विभागीय अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले की IGRS रैंकिंग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। पिछली समीक्षा में जिला 52वें स्थान पर था, लेकिन हालिया मूल्यांकन में यह फिसलकर 67वें स्थान पर पहुंच गया। रैंकिंग में आई इस गिरावट का प्रमुख कारण शिकायतकर्ताओं द्वारा दिया गया असंतुष्ट फीडबैक और शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता की कमी माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई विभागों में शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता निभाते हुए किया जा रहा था, जिससे आम नागरिक संतुष्ट नहीं थे। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की गई।
प्रशासन का मानना है कि IGRS केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसे का एक महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि लंबित और नई शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं तथ्यात्मक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो और नागरिकों का विश्वास मजबूत बने।
डीएम की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभागीय अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिक गंभीरता से कार्य करेंगे।
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