महोबा। सोशल मीडिया पर लगातार अपनी मांगों और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर लाइव आने वाले तारा पाटकर की एक नई पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। पोस्ट में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दरबार के बजाय व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की इच्छा जाहिर की है। साथ ही महोबा सदर विधायक राकेश गोस्वामी और विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सेंगर पर अपने साथ अन्याय किए जाने के आरोप लगाए हैं। तारा पाटकर का दावा है कि मुख्यमंत्री के महोबा आगमन के दौरान उन्हें हाउस अरेस्ट कराया गया था।

इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके दावों, राजनीतिक संबंधों और गोरखगिरि पर्वत के विकास में उनकी कथित भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा का मुख्य मुद्दा यह है कि यदि तारा पाटकर पिछले 12 वर्षों से गोरखगिरि पर्वत के विकास के लिए प्रयासरत रहे हैं, तो उनके प्रयासों का ठोस परिणाम क्या रहा और विकास के किन कार्यों में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका रही है?
गोरखगिरि महोबा की धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके विकास के लिए सरकारी योजनाओं, बजट और संबंधित विभागों की भूमिका अहम है। और सरकार द्वारा कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कराये और किये जा रहें हैँ!ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा विकास का श्रेय लेने के दावे पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर पिछले 12 वर्षों में उन्होंने कौन-से ठोस प्रयास किए, किन मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया और उनके प्रयासों से कौन-से कार्य स्वीकृत या पूरे हुए? इन सवालों के जवाब तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर सामने आने चाहिए।
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