महोबा। विकास के दावों के बीच महोबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। विकासखंड पनवाड़ी के टिकरिया गांव से सामने आया एक वीडियो इन दावों की हकीकत बयां करता नजर आ रहा है। वीडियो में ग्रामीण कीचड़ से भरे रास्ते से मृतक का शव लेकर गुजरते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य न केवल ग्रामीणों की परेशानी को उजागर कर रहा है, बल्कि गांव में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में श्मशान घाट के लिए समुचित रास्ता तक उपलब्ध नहीं है। बारिश के बाद रास्ते पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण अंतिम संस्कार के लिए शव को ले जाना भी ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। वायरल वीडियो में ग्रामीणों को इसी परेशानी के बीच शव को लेकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते देखा जा सकता है।
खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार की मजबूरी
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अब तक ऐसा व्यवस्थित श्मशान घाट विकसित नहीं किया गया है, जहां अंतिम संस्कार के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। ऐसे में ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने की मजबूरी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम यात्रा किसी भी परिवार के लिए बेहद भावुक और कठिन समय होता है, लेकिन रास्ते की बदहाल स्थिति इस पीड़ा को और बढ़ा देती है। शव को कीचड़ और खराब रास्ते से ले जाना ग्रामीणों की मजबूरी बन चुका है।
टिकरिया गांव से सामने आए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ गांवों के विकास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतिम यात्रा के लिए भी ग्रामीणों को पक्के रास्ते की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से श्मशान घाट के निर्माण के साथ-साथ वहां तक पक्के रास्ते का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में भी किसी मृतक की अंतिम यात्रा को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सवाल यह है कि क्या वायरल वीडियो में नजर आ रही तस्वीरें जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचेंगी? क्या टिकरिया गांव में श्मशान घाट और उसके लिए सुगम मार्ग की समस्या का समाधान होगा, या फिर ग्रामीण इसी तरह विकास की राह देखते रहेंगे?
वायरल वीडियो और तस्वीरें ग्रामीणों की परेशानी की गवाही दे रही हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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