महोबा। महोबा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेज प्रकाश शिवहरे उर्फ तेजा शिवहरे पर मजदूरों, कारीगरों और कारोबारियों ने लाखों रुपये का भुगतान रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक महोबा को संबोधित एक शिकायत पत्र कोतवाली में देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिकायत की एक प्रति जिला पंचायत अध्यक्ष, महोबा को भी सौंपते हुए हस्तक्षेप कर उनका बकाया भुगतान दिलाने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने तेजा शिवहरे के आवास निर्माण के दौरान फर्नीचर, पीओपी, टाइल्स सप्लाई, राजमिस्त्री, ड्राइविंग और मजदूरी सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए थे। शिकायत पत्र के अनुसार मकान का निर्माण कार्य जनवरी 2026 में पूरा हो गया था, लेकिन इसके बाद भी संबंधित लोगों को उनके मेहनताना और सामग्री का भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि करीब छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान लंबित है।

पीड़ितों का आरोप है कि जब भी वे अपने मेहनताने या सामग्री के भुगतान की मांग करने जाते हैं, तो उन्हें हर बार केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई बार भुगतान मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गाली-गलौज भी की गई। इससे परेशान होकर अब सभी पीड़ितों ने प्रशासन की शरण ली है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे मेहनत-मजदूरी और छोटे कारोबार के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य किया, लेकिन आज तक उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल सकी।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत पत्र में सभी पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनका बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष को दिए गए ज्ञापन में भी अनुरोध किया गया है कि मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने परिवार के साथ आंदोलन करने को विवश होंगे।
शिकायत पत्र में कुल आठ लोगों के नाम और उनके बकाया भुगतान का विवरण भी दर्ज किया गया है। इनमें रिवई निवासी जानकी प्रसाद के फर्नीचर कार्य का 45 हजार रुपये, सिजौरा निवासी अशोक के फर्नीचर कार्य का 71 हजार रुपये, महोबा निवासी घनश्याम के पीओपी कार्य का 27,700 रुपये, श्रीनगर निवासी दिनेश के ड्राइवर के रूप में कार्य करने का 12 हजार रुपये, सियौरा निवासी सुनील सिंह सेंगर द्वारा टाइल्स सप्लाई का 2 लाख रुपये, पसवारा निवासी राजू कुशवाहा के राजमिस्त्री कार्य का 17 हजार रुपये, एक फर्नीचर कारोबारी विनोद का लगभग 7 लाख रुपये तथा एक अन्य चालक अशोक का 22 हजार रुपये बकाया होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि सभी बकाया राशि का भुगतान काफी समय से लंबित है और बार-बार मांग करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। अब उन्होंने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा उनका बकाया भुगतान कराया जाएगा
इस पूरे मामले में जब जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि श्रमिकों, मजदूरों और दुकानदारों का मेहनताना तथा बकाया भुगतान समय पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी का भुगतान जानबूझकर रोका गया है तो यह उचित नहीं है।
जेपी अनुरागी ने कहा, “किसी भी श्रमिक, कारीगर या दुकानदार का पैसा रोकना भारतीय जनता पार्टी की नीति और कार्यशैली से इतर है। यह निंदनीय है। मैं यही कहूंगा कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ितों की समस्या का शीघ्र समाधान कराए और जिन लोगों का बकाया है, उन्हें उनका भुगतान दिलाया जाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिलना चाहिए और प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
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