महोबा। लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़े हादसे के बाद महोबा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को शहर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। प्रशासन की संयुक्त टीम ने रामकथा मार्ग सहित शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित कई कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों, भवन संबंधी मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

अभियान का नेतृत्व सदर एसडीएम शिव ध्यान पांडेय ने किया। उनके साथ सीओ सिटी रविकांत गौड़, फायर विभाग की टीम और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। संयुक्त टीम के अचानक पहुंचने से कई कोचिंग संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि कुछ संचालक प्रशासनिक कार्रवाई के डर से अपने संस्थानों में ताला लगाकर मौके से चले गए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा, विद्यार्थियों की क्षमता के अनुरूप व्यवस्थाएं तथा संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की जांच की। जिन संस्थानों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया या जो निरीक्षण के समय बंद मिले, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई।
प्रशासन ने कई बंद मिले कोचिंग सेंटरों को सील करने की कार्रवाई भी की। अधिकारियों का कहना है कि बिना आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के विद्यार्थियों की जान जोखिम में डालकर किसी भी संस्थान को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि कोई संचालक नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके विरुद्ध आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

रामकथा मार्ग, जिसे शहर का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, वहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन विशेष रूप से इस क्षेत्र के संस्थानों की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था रखें।

अभियान के दौरान कई संस्थानों से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, जबकि कुछ स्थानों पर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग, जुर्माना अथवा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती के बाद शहर के कोचिंग संचालकों में हड़कंप का माहौल है, वहीं अभिभावकों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान का स्वागत किया है।
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